Wednesday, 21 October 2020

घर में टूटी-फूटी चीजें रखने से बचना चाहिए, मंदिर में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां भी न रखें



कुछ दिनों के 12 नवंबर से दीपोत्सव शुरू हो रहा है। इस पर्व को लेकर सभी लोग अपने-अपने घर की सफाई करते हैं, कलर करवाते हैं। मान्यता है कि जिन घर में दीपावली से साफ-सफाई रहती है, वहां देवी लक्ष्मी का आगमन होता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार लक्ष्मी पूजा के समय घर में ऐसी चीजें नहीं रखी होनी चाहिए, जिनकी वजह से वास्तु दोष बढ़ता है।

घर में अनुपयोगी चीजें जैसे बंद घड़ी, खराब इलेक्ट्रानिक आइटम्स, टूटे-फूटे बर्तन, टूटा मिरर, अनुपयोग फर्नीचर आदि चीजें नहीं रखनी चाहिए। ये चीजें स्थान भी घेरती हैं और वास्तु दोषों को बढ़ाती हैं। इन्हें घर में रखने से बचना चाहिए।

टूटी मूर्तियां भी न रखें मंदिर में

घर के मंदिर में भगवान की मूर्तियां रखने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। मान्यता है कि मूर्तियों की पूजा करने से और दर्शन करने से सकारात्मकता बढ़ती है। घर में सुखद वातावरण रहता है। एक बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि मंदिर में टूटी-फूटी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए।

खंडित मूर्तियों की पूजा की जाती है तो पूरा फल नहीं मिल पाता है। मन को शांति नहीं मिलती है। टूटी मूर्ति की पूजा करते समय जैसे ही हमारी नजर मूर्ति के टूटे हिस्से पर जाती हैं, हमारा मन भटक जाता है और पूजा में एकाग्रता नहीं बन पाती है। एकाग्रता की कमी की वजह से मन शांत नहीं रह पाता है।

सिर्फ शिवलिंग नहीं माना जाता खंडित

शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग निराकार माना गया है। शिवलिंग टूटा होने पर भी पूजनीय है और खंडित शिवलिंग की भी पूजा की जा सकती है। शिवलिंग के अलावा अन्य सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां खंडित अवस्था में पूजनीय नहीं मानी गई हैं। इसीलिए खंडित मूर्तियां घर में न रखें।

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