Friday, 16 October 2020

नवरात्रि में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के साथ भक्त कर सकेंगे वैष्णोदेवी, कामाख्या, नैनादेवी जैसे बड़े मंदिरों में दर्शन



आज से नवरात्रि शुरू हो रही है। इन दिनों व्रत-उपवास रखने के साथ ही माता के मंदिरों में दर्शन करने की परंपरा है। देवी मां के कई ऐसे मंदिर हैं, जहां नवरात्रि में पूरे देश से भक्त पहुंचते हैं। इस बार कोरोना की वजह से मंदिरों में दर्शन व्यवस्था को लेकर कई नियम बनाए गए हैं।

कोरोना से बचाव के लिए भक्तों को मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होता है। सभी के लिए मास्क लगाना जरूरी है। अधिकतर मंदिरों में भक्तों को सिर्फ दर्शन करने की अनुमति है। मंदिर में प्रसाद चढ़ाना, पूजा करना वर्जित है। यहां जानिए देवी मां के कुछ खास मंदिरों में नवरात्रि के दौरान दर्शन व्यवस्था कैसी रहेगी…

वैष्णोदेवी मंदिर

जम्मू-कश्मीर स्थित वैष्णोदेवी मंदिर में अब 7 हजार भक्त रोज दर्शन कर सकेंगे। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। नवरात्रि के लिए मंदिर श्राइन बोर्ड ने मंदिर की आकर्षक सजावट की है। यात्रियों की सुविधा के लिए पिट्ठू और पालकी की सेवा भी शुरू की गई है।

कामाख्या मंदिर

असम का कामाख्या मंदिर भक्तों के लिए खुल चुका है। लेकिन, भक्त के लिए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश वर्जित रहेगा। सुबह 8 बजे से सूर्यास्त तक मंदिर के द्वार खुलेंगे। भक्त मंदिर में सिर्फ परिक्रमा कर सकेंगे और मंदिर के बाहर पूजा कर सकते हैं।

छिन्नमस्तिका मंदिर

झारखंड में रामगढ़ के छिन्नमस्तिका मंदिर में भक्त दर्शन कर सकेंगे, लेकिन एक बार में सिर्फ 5 श्रद्धालु ही मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को रजरप्पा की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एक घंट में करीब 80 श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

हरसिद्धि मंदिर

मध्य प्रदेश के उज्जैन के हरसिद्धि मंदिर में भक्त आसानी से माता के दर्शन कर रहे हैं। भक्तों को मंदिर के बाहर से ही देवी के दर्शन कराए जा रहे हैं। गर्भगृह में प्रवेश वर्जित है। मंदिर के आसपास की सभी दुकानें और धर्म शालाएं खुली हैं। मंदिर के पास महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भी भक्तों के लिए खुला है।

नैनादेवी मंदिर

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध नैना देवी मंदिर में भक्तों को 22 घंटे दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। मंदिर में पूजा-पाठ, हवन आदि कर्म नहीं किए जा सकेंगे। माता को प्रसाद चढ़ाना भी वर्जित है। इस साल कोरोना की वजह से यहां लंगर का आयोजन नहीं होगा।

कालीघाट मंदिर

बंगाल के कोलकाता में कालीघाट मंदिर भी भक्तों के खुल चुका है। यहां भी दर्शनार्थियों को आसानी से दर्शन हो रहे हैं।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


navratri 2020, Vaishnodevi, Kamakhya, Naina Devi temple, Navratri festival at goddess durga temple

from Dainik Bhaskar
https://ift.tt/3j6NnzF

No comments:

Post a Comment

कैसे तोड़ें ? - मन और जगत के बंधन को || How to break the bond between mind and world?

श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम  सच्चिदानंद भगवान की जय। सनातन धर्म की जय।  अभी-अभी आप बहुत सुंदर कथा सुन रहे थे। मेरे क...