Friday, 19 June 2020

गुप्त नवरात्रि 22 से; तिथि क्षय होने के कारण आठ दिन के रहेंगे नवरात्र, शुक्रवार को होगी पंचमी और छठ की पूजा



आषाढ़ महीने में आने वाले गुप्त नवरात्र की शुरुआत सोमवार, 22 जून से हो रही है। इस साल ये 8 दिन के ही रहेंगे। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र के अनुसार इस नवरात्रि में छठी तिथि का क्षय शुक्रवार के दिन होगा। इसलिए पंचमी और छठ पूजा एक ही दिन 26 जून, शुक्रवार को की जाएगी। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत रविवार 21 जून को दोपहर 12:12 बजे से होगी। यह तिथि दूसरे दिन सोमवार, 22 जून को सुबह 11:59 बजे तक रहेगी। इसलिए प्रतिपदा तिथि सूर्योदय व्यापिनी होने के कारण सोमवार से ही गुप्त नवरात्र की शुरुआत मानी जाएगी। इसके बाद 29 जून को भड़ली नवमी पर गुप्त नवरात्र का समापन हो जाएगा।

हिंदू कैलेंडर: साल की दूसरी नवरात्रि
हिंदू कैलेंडर के चैत्र महीने के शुक्लपक्ष में पहली नवरात्रि आती है। वसंत ऋतु में होने के कारण इसे वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है।

इसके बाद आषाढ़ महीने में गुप्त नवरात्रि आती है। जो कि साल की दूसरी नवरात्रि होती है। फिर शरद ऋतु यानी अश्विन महीने में भी नवरात्र होते है जिनका समापन दशहरे पर होता है। साल की आखिरी और चौथी नवरात्रि माघ महीने में यानी जनवरी और फरवरी के बीच आती है। ये भी गुप्त नवरात्रि होती है। माघ व आषाढ़ की नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है।

स्वयंसिद्ध होते हैं गुप्त नवरात्र, इनमें होती है 10 महाविद्याओं की पूजा
पं. मिश्र के अनुसार इस साल गुप्त नवरात्र 8 दिन की है। गुप्त नवरात्र स्वयं सिद्ध होती हैं। जिसमें 10 महाविद्याओं का पूजन किया जाता है। यह ऐसे विशेष समय है जब गृहस्थ और साधक कम समय में अपनी इच्छा अनुसार सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। इन दिनों मां दुर्गा के नौ गुप्त रूपों की पूजा-उपासना की जाती है। यह नवरात्र तंत्र विद्या सीखने वाले और मंत्रों की सिद्धि चाहने वालों के लिए खास होती है। पं. मिश्र का कहना है कि गुप्त नवरात्र में प्रलय एवं संहार के देवी-देवता रूद्र और मां काली की पूजा भी की जाती है।

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Gupt Navratri: Gupt Navratra kab hai, Navaratri Start Date And Time Gupt Navratri will start from June 22, Ten Mahavidyas are worshiped on these days.

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