अभी रविवार, 21 जून को देशभर में सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा है। ग्रहण के संबंध में धार्मिक मान्यता है कि जब-जब राहु सूर्य और चंद्र को ग्रसता है, तब-तब ग्रहण होते हैं। विज्ञान की मान्यता है कि जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्र आ जाता है, तब जहां-जहां चंद्र की छाया पड़ती है, वहां सूर्य ग्रहण होता है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार लगभग 6 माह तक ग्रहण का असर सभी 12 राशियों पर बना रहता है। जानिए सभी 12 राशियों पर ग्रहण का कैसा असर रहेगा…
मेष- राशि से तीसरे स्थान पर ग्रहण होगा। सामान्य फल देने वाला रहेगा। मेहनत के अनुसार सफलता मिल जाएगी।
वृषभ- राशि से दूसरे
स्थान पर ग्रहण हो रहा है। आपको सतर्क रहना होगा।मिथुन- इस राशि में ही ग्रहण हो रहा है। धैर्य और संयम बनाए रखना होगा। संभलकर काम करें। वरना हानि हो सकती है।
कर्क- द्वादश राशि में ग्रहण होगा। आपको खुद पर काबू रखना होगा। खर्च की अधिकता रहेगी।
सिंह- एकादश स्थान पर ग्रहण हो रहा है। अभी किसी को उधार देने से बचें। आय में बढ़ोतरी के योग बन सकते हैं।
कन्या- दशम स्थान पर ग्रहण होने से कार्य की अधिकता रहेगी। पिता की मदद से लाभ मिल सकता है।
तुला- नवम भाव में ग्रहण होगा। भाग्य में रुकावट उत्पन्न करेगा। कार्य में देरी हो सकती है।
वृश्चिक- अष्टम स्थान पर ग्रहण होने से सावधान रहने का समय है। वाहन, ऊंचाई और बिजली से सचेत रहना होगा।
धनु- सप्तम भाव में ग्रहण होने वाला है। साथियों से तनाव हो सकता है। सोच-समझकर काम करें, अन्यथा हानि के योग हैं।
मकर- षष्ठम स्थान पर ग्रहण हो रहा है। रोजगार में नुकसान हो सकता है। शत्रुओं की वृद्धि होगी।
कुंभ- आपके लिए पंचम स्थान पर ग्रहण होगा। संतान से सुख और सहयोग मिलेगा। धन लाभ मिल सकता है।
मीन– चतुर्थ स्थान पर ग्रहण होने से चिंता में वृद्धि होगी। कार्य की अधिकता रहेगी। लापरवाही से बचना होगा।
प्राकृतिक आपदा आने के योग
ये ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में हो रहा है। इस नक्षत्र का स्वामी मंगल है। मकर राशि में स्थित वक्री शनि की पूर्ण तृतीय दृष्टि, मीन राशि में स्थित मंगल पर पड़ रही है, मंगल की सूर्य पर दृष्टि और शनि-गुरु की युति है। ग्रहों की ये स्थिति बड़े भूकंपन का कारण बन सकती है। इसके साथ ही अन्य प्राकृतिक आपदा आने के भी योग बन सकते हैं।
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