पेड़ कभी यह नहीं सोचता कि
उसकी छाया में कौन बैठेगा।
नदी कभी यह हिसाब नहीं रखती कि
उसका पानी कौन पीएगा।
सूरज भी हर सुबह यह शर्त नहीं रखता कि
उसकी रोशनी का सम्मान किया जाए।
फिर इंसान ही क्यों
हर अच्छे काम का हिसाब चाहता है?
🌿
जीवन का सबसे सुंदर नियम है—
देते रहो, बढ़ते रहो, सीखते रहो।
जो लोग हर बात का प्रतिफल खोजते हैं,
वे अक्सर थक जाते हैं।
और जो लोग कर्म को ही पुरस्कार मान लेते हैं,
वे भीतर से समृद्ध हो जाते हैं।
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आज किसी की मदद कीजिए,
बिना नाम के।
किसी का मन रखिए,
बिना स्वार्थ के।
और शाम को आईने में देखकर कहिए—
"आज मैंने सिर्फ दिन नहीं बिताया,
आज मैंने अपने होने का अर्थ जिया है।"
🙏
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