Friday, 14 August 2020

संत ने राजा को ताबीज दिया और कहा कि इसमें एक मंत्र है, जब भी कोई बहुत बड़ी समस्या आए तो ये मंत्र पढ़ना, लेकिन उससे पहले इस ताबीज को मत खोलना



जब हालात बिगड़ते हैं तो निराशा बढ़ने लगती है। लेकिन, बुरी परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए और सोच सकारात्मक बनाए रखना चाहिए। सकारात्मकता से ही बड़ी-बड़ी परेशानियां खत्म हो सकती हैं। इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है।
कथा के अनुसार पुराने समय में एक राजा साधु-संतों का बहुत सम्मान करता था। एक दिन राजा के दरबार में विद्वान संत पहुंचे। राजा ने संत की खूब सेवा की। राजा की सेवा से प्रसन्न होकर संत ने एक ताबीज दिया और कहा कि जब आपको ऐसा लगे जीवन में परेशानियां खत्म नहीं हो रही हैं और अब सबकुछ बर्बाद हो गया है, तब इस ताबीज में रखे एक कागज पर मंत्र लिखा है, उसे निकालकर पढ़ लेना, लेकिन ध्यान रहे उससे पहले ये ताबीज मत खोलना।
राजा ने संत का आशीर्वाद लिया और ताबीज गले में पहन लिया। संत वहां चले गए। कुछ दिनों के बाद राजा के राज्य पर शत्रुओं ने आक्रमण कर दिया। सभी शत्रु बहुत शक्तिशाली थे, उनके पास बड़ी सेना थी। इस वजह से राजा की सेना युद्ध हार गई। राजा किसी तरह अपने प्राण बचाकर जंगल में भाग निकला और एक गुफा में छिप गया।
राजा को ढूंढते हुए शत्रुओं के सैनिक भी जंगल में पहुंच गए। जिस गुफा में राजा छिपा था। उसके आसपास शत्रु सैनिकों पहुंच गए थे। राजा को सैनिकों के कदमों की आवाज सुनाई दे रही थी। राजा को लगा कि मैं फंस गया हूं, मैं पकड़ा जाऊंगा, अब सबकुछ बर्बाद हो गया है। तभी उसे संत के ताबीज की याद आई।
राजा ने तुरंत ही ताबीज खोला और कागज निकाला। उस पर लिखा था कि ये समय भी कट जाएगा। ये पढ़कर राजा को थोड़ा सुकून मिला।
कुछ ही देर में सैनिक के कदमों की आवाज कम होने लगी। राजा ने गुफा से झांककर देखा तो सैनिक उस जगह से काफी दूर निकल गए थे। राजा तुरंत ही गुफा से बाहर निकला और अपने राज्य में पहुंच गया। इस तरह राजा के प्राण बच गए।
जीवन प्रबंधन
इस प्रसंग की सीख यह है कि समय कभी भी एक जैसा नहीं रहता है। अच्छे दिन हों या बुरी दिन, समय बदलता रहता है। इसीलिए अच्छे दिनों में गलत काम करने से बचना चाहिए और बुरे दिनों में धैर्य से काम लेना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में यही सोचें कि ये समय भी कट जाएगा।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


benefits of positive thinking, we should think positive always, motivational story about positive thinking, prerak prasang, inspirational story

from Dainik Bhaskar
https://ift.tt/2E1QR7M

No comments:

Post a Comment

कैसे तोड़ें ? - मन और जगत के बंधन को || How to break the bond between mind and world?

श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम  सच्चिदानंद भगवान की जय। सनातन धर्म की जय।  अभी-अभी आप बहुत सुंदर कथा सुन रहे थे। मेरे क...