घर के बड़े-बुजुर्गों की सलाह हमें कई परेशानियों से बाहर निकाल सकती है। समय-समय पर हमें अनुभवी लोगों से सलाह लेते रहना चाहिए। बुजुर्गों के संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है। कथा एक युवा राजकुमार की है। राजकुमार के माता-पिता नहीं थे। वह राजा बन गया। वह बूढ़े लोगों को पसंद नहीं करता था।
एक दिन नए राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया कि राज्य के बूढ़े लोग बीमार रहते हैं, काम नहीं करते, इनकी वजह से हमारा धन बर्बाद हो रहा है। इसीलिए हमें इन्हें मृत्यु दंड दे देना चाहिए या राज्य से निकाल देना चाहिए। मंत्री ने राज्य में घोषणा करवा दी की सभी बूढ़े लोग राज्य छोड़ दें, जो यहां नहीं जाएंगे, उन्हें मृत्यु दंड दिया जाएगा।
ये घोषणा सुनते ही सभी बूढ़े लोग राज्य छोड़कर जाने लगे। राज्य का एक लड़का बहुत गरीब था, उसके पिता बहुत वृद्ध हो गए थे। उनके पास दूसरे राज्य जाकर रहने के लिए धन नहीं था। उसने अपने पिता को घर में छिपा लिया। उस लड़के के पिता के अलावा राज्य के अन्य सभी बूढ़े जा चुके थे।
कुछ दिनों के बाद राज्य में अकाल पड़ा। राजा को समझ नहीं आ रहा था कि अब राज्य की व्यवस्था कैसे संभाली जाए? प्रजा का अन्न खत्म हो चुका था उन दिनों भीषण गर्मी भी पड़ रही थी। गरीब लड़के ने अपने बूढ़े पिता से अकाल से निपटने का उपाय पूछा। उसके पिता ने कहा कि राज्य से कुछ ही दूर ही हिमालय स्थित था। गर्मी से हिमालय की बर्फ पिघलने लगेगी और वह पानी राज्य की ओर बहता हुआ आएगा। पानी यहां आए इससे पहले तुम एक काम करो राज्य के मार्ग पर दोनों तरफ हल चला दो।
उस लड़के ने अपने साथियों को ये उपाय बताया, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी। लड़के ने अकेले ही रास्ते पर दोनों तरफ हल चला दिया। कुछ दिनों बाद हिमालय की बर्फ पिघली और पानी राज्य के रास्ते पर आ गया। इसके बाद धीरे-धीरे मार्ग के दोनों और अनाज के पौधे उग आए। जब ये बात राजा को मालूम हुई तो उस गरीब लड़के को दरबार में बुलवाया गया। राजा ने लड़के से पूछा कि ये अनाज उगाने का ये उपाय तुम्हें किसने बताया?
लड़के ने कहा कि राजन् ये उपाय मेरे पिता ने बताया था। आपने जब बूढ़ों को मारने का आदेश दिया था तो मैंने उन्हें अपने घर में छिपा लिया था। ये सुनकर राजा ने उस बूढ़े व्यक्ति को भी दरबार में बुलवाया। बूढ़े व्यक्ति ने राजा से कहा कि महाराज हमारे राज्य से लोग अपने खेतों से अनाज अपने घर ले जाते थे और कुछ लोग दूसरे राज्य अनाज बेचने जाते थे तो अनाज के कुछ दाने रास्ते के दोनों और गिर जाते थे। जब मेरे बेटे ने रास्ते की दोनों तरफ हल चलाया और हिमालय का पिघला हुआ पानी वहां पहुंचा तो वो दाने अंकूरित हो गए और अनाज उग गया।
ये बात सुनते ही युवा राजा को अपनी गलती का अहसास हो गया। उसे समझ आ गया कि वृद्ध लोगों का अनुभव हमें कई समस्याओं से बचा सकता है। इसीलिए राजा ने राज्य के सभी वृद्ध लोगों को वापस अपने राज्य में बुला लिया।
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