Wednesday, 14 October 2020

जो लोग ये बात जानते हैं कि हमारी बोली अनमोल है, वे हर बात को अच्छी तरह सोच-समझकर बोलते हैं



कुछ लोग मंत्र जाप करते हैं, लेकिन उन्हें लाभ नहीं मिलता है। ऐसे लोगों के लिए कबीरदास ने एक दोहे में बताया है कि – माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर, कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर। इस दोहे का अर्थ यह है कि कोई व्यक्ति लंबे समय तक हाथ में मोतियों की माला लेकर जाप करता है, लेकिन उसके मन में बुरे विचार चलते रहते हैं।

ऐसे लोगों को कबीरदासजी ने सलाह दी है कि व्यक्ति को मन के मोतियों को बदलना चाहिए यानी बुरे विचारों को छोड़ना चाहिए। तभी अच्छे फल मिल सकते हैं। यहां जानिए कबीरदासजी के कुछ और ऐसे ही दोहे…

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


kabir ke dohe, motivational tips by kabirdas, sant kabir ke dohe, inspirational quotes for success and happiness

from Dainik Bhaskar
https://ift.tt/3nVsiMu

No comments:

Post a Comment

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में .....

  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम बहुत कुछ संभालना सीख गए हैं — पैसा, काम, जिम्मेदारियाँ, रिश्ते… लेकिन एक चीज़ है जिसे संभालना सबसे कठिन भी...