Friday, 18 September 2020

वैष्णो देवी में 5000 लोग कर सकेंगे दर्शन, बाहरी राज्यों से सिर्फ 500 ही, शिरडी साईं मंदिर को लॉकडाउन में 21 करोड़ का ऑनलाइन दान



नेशनल अनलॉक में कई मंदिर खुल चुके हैं। धीरे-धीरे मंदिरों में लोगों की संख्या और दान की राशि भी बढ़ रही है। पटरी पर आते जन जीवन के साथ मंदिरों का सूनापन भी खत्म हो रहा है। वैष्णोदेवी मंदिर से लेकर तिरुपति तक, जहां भी मंदिर खुले हैं, वहां अब श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।

हालांकि, महाराष्ट्र के सारे मंदिर इस समय बंद हैं। शिरडी साईं मंदिर, सिद्धि विनायक जैसे बड़े मंदिरों में पिछले 6 महीनों से सन्नाटा पसरा है। भक्तों से खचाखच भरे रहने वाले इन मंदिरों में इतना खालीपन कभी नहीं रहा। लेकिन, ऑनलाइन दर्शन चल रहे हैं।

जानिए, देश के 5 बड़े मंदिरों में इस समय क्या है स्थिति….

मास्क लगाए चेहरे, जय माता दी के जयकारे
16 अगस्त से शुरू हुए जम्मू के माता वैष्णो देवी मंदिर में सारे चेहरे मास्क लगाए नजर आते हैं। संख्या कम है लेकिन जय माता दी के जयकारों का जोश वही है। पैदल या बैटरी कार से जाने वाले लोग एक दूसरे को देखकर जय माता दी से एकदूसरे को विश करते हैं। अब श्रद्धालुओं की संख्या रोजाना 5000 कर दी गई है।

इनमें से 4500 लोग जम्मू के होंगे और बाहरी राज्यों से केवल 500 श्रद्धालु। अभी तक रोजाना महज 2000 लोगों को अनुमति थी। इनमें बाहरी श्रद्धालुओं की संख्या मात्र 100 थी। इसे लेकर जल्दी ही मंदिर ट्रस्ट व्यवस्था लागू करने वाला है। वैष्णो देवी दर्शन के लिए हर श्रद्धालु के पास 48 घंटे पहले की कोविड-19 नेगेटिव रिपोर्ट होना जरूरी है।

अगर कोरोना रिपोर्ट 48 घंटे से ज्यादा पुरानी है तो उसे मान्य नहीं किया जा रहा है। 10 साल से कम और 60 साल से अधिक आयु वालों को अनुमति नहीं दी जा रही है। श्रद्धालुओं का एंटीजन टेस्ट भी किया जा रहा है। 30 सितंबर तक की बुकिंग लगभग हो चुकी है। ऑनलाइन अनुमति लेकर आने वालों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

शिरडी में दर्शन बंद, लेकिन डोनेशन जारी, द्वारिका माई का कायाकल्प
महाराष्ट्र के शिरडी साईं मंदिर में इस समय दर्शन बंद हैं। ऑनलाइन ही लोग साईं बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं। लेकिन, फिर भी आस्था इस कदर गहरी है कि लॉकडाउन के दौरान ही 17 मार्च से 31 अगस्त के बीच मंदिर को 20.76 करोड़ रुपए का दान मिला है।

हालांकि, पिछले साल के मुकाबले ये दान महज 10% ही है। पिछले साल इसी अवधि में मंदिर को 202 करोड़ रुपए का दान मिला था। इस लिहाज से इस साल 180 करोड़ रु. से ज्यादा का नुकसान मंदिर को उठाना पड़ा है। लॉकडाउन के दौरान शिरडी साईं मंदिर का सबसे खास क्षेत्र द्वारिका माई का भी कायाकल्प कर दिया गया है।

पुराने पत्थरों को निकालकर 40 लाख की लागत से नए संगमरमर का फर्श लगवा दिया गया है। द्वारिकामाई वो ही खंडहरनुमा मस्जिद है, जहां साईंबाबा ने अपने जीवन का ज्यादातर समय गुजारा था।

तिरुपति में 1500 से ज्यादा कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव
आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में 11 जून से लेकर अभी तक करीब 1500 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसके बावजूद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं है। 6000 से बढ़कर यहां रोजाना दर्शन करने वालों की संख्या लगभग 15 हजार हो चुकी है। रोज मिलने वाले दान में भी खासा इजाफा हो चुका है।

पिछले 15 दिनों से तिरुपति बालाजी में रोज के हुंडी कलेक्शन का आंकड़ा 85 लाख से 1.10 करोड़ के बीच है। यहां कोरोना को लेकर काफी सावधानी रखी जा रही है, हर एक से दो घंटे में मंदिर को सैनेटाइज किया जा रहा है। मंदिर के कर्मचारियों और आने वाले श्रद्धालुओं का रेंडम टेस्ट भी किया जा रहा है।

लड्डू प्रसादम् बनाने में भी पूरी सावधानी बरती जा रही है, लैब टेस्टिंग के बाद ही लड्डू प्रसादम् काउंटर पर दिया जा रहा है।

महाकालेश्वर में अब बाहरी राज्यों के लोगों को भी प्रवेश
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में बाहरी राज्यों के लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। मंदिर के पुजारी आशीष गुरु के मुताबिक, अब ये रोक हटा ली गई है। मंदिर में रोजाना 4-5 हजार लोग दर्शन करने आ रहे हैं।

मंदिर में दर्शन के लिए मंदिर की साइट या ऐप से एक दिन पहले ऑनलाइन अनुमति अनिवार्य है। मंदिर में लगातार सैनिटाइजेशन का काम चलता रहता है, ताकि कोई असावधानी ना हो। श्राद्ध पक्ष की समाप्ति के साथ ही मंदिर का उमासांझी महोत्सव भी खत्म हो गया है। इस बार इस उत्सव में भी बाहरी लोगों के प्रवेश की अनुमति नहीं थी।

बद्रीनाथ में अभी तक 45 हजार लोगों ने किए है दर्शन
उत्तराखंड के चारधामों में से एक बद्रीनाथ मंदिर में भी दर्शन करने वालों की संख्या सीमित ही है। यहां के चारों धाम केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनौत्री आदि में भी श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम है। चारधाम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि उत्तराखंड के चारों धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री में दर्शन व्यवस्था सभी राज्यों के लिए भी शुरू हो चुकी है।

यहां दर्शन करने के लिए चारधाम देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। यहां आने वाले भक्तों को 72 घंटे पहले की कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट साथ लेकर आना जरूरी है। साथ ही, भक्तों को महामारी से जुड़े सभी नियमों का पालन करना जरूरी है। मंदिर में दर्शन व्यवस्था शुरू होने के बाद अब तक करीब 45 हजार लोगों ने चारधाम में दर्शन करने लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


5000 people will be able to visit Vaishno Devi, only 500 from outside states, online donation of 21 crore in lockdown to Shirdi Sai temple

from Dainik Bhaskar
https://ift.tt/3mCr7k4

No comments:

Post a Comment

कैसे तोड़ें ? - मन और जगत के बंधन को || How to break the bond between mind and world?

श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम  सच्चिदानंद भगवान की जय। सनातन धर्म की जय।  अभी-अभी आप बहुत सुंदर कथा सुन रहे थे। मेरे क...