Friday, 21 August 2020

मिट्टी से घर पर ही बना सकते हैं गणेश प्रतिमा, पूजा में श्री गणेशाय नम: मंत्र का जाप करें, दूर्वा चढ़ाएं और मोदक का भोग लगाएं



शनिवार, 22 अगस्त से गणेश उत्सव शुरू हो रहा है। घर-घर में गणपति की स्थापना की जाएगी। मिट्‌टी से बनी गणेश प्रतिमा पूजा के लिए और पर्यावरण के लिए श्रेष्ठ रहती है। इसीलिए मिट्टी की प्रतिमा ही स्थापित करनी चाहिए। देवास की अपोलो शिक्षण समिति के आदित्य दुबे हर साल मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाकर लोगों को वितरीत करते हैं। इन्होंने कई स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं में मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाना सिखाया है। आदित्य दुबे से जानिए मिट्टी के गणेश बनाने की आसान विधि…

> सबसे पहले गिली मिट्टी से 5 समान गोले बनाएं।

> मिट्टी के एक गोले से गणेश के लिए आसन बनाएं। ये गोल रोटी की तरह हो सकता है।

> आसन के ऊपर गणेशजी का पेट बनाने के लिए दूसरा गोला रखें।

> इसके बाद तीसरे गोले से गणेशजी के दो पैर और दो हाथ बनाना है। मिट्टी को पैरों की तरह और हाथों की तरह लंबाई में शेप दें और गणेशजी के पेट के पास लगाएं। दोनों हाथों को मिट्टी के गोले के ऊपर बनाएं। हाथ पैरों से थोड़े पतले बनाना चाहिए।

> एक गोले से गणेशजी का सिर और सूंड बनाएं। गणेशजी के पेट ऊपर सिर का हिस्सा लगाएं।

> इसके बाद बची हुई मिट्टी से कान, लड्डू, दांत, आंखें और मुकुट बनाएं।

> प्रतिमा तैयार होने के बाद इसे धूप में सुखने के लिए रख दें। सुखने के बाद हम मनचाहा रंग प्रतिमा पर कर सकते हैं।

यहां दिए गए वीडियो में आप गणेशजी बनाने की पूरी विधि देख सकते हैं।

गणेशजी की पूजा में करें श्री गणेशाय मंत्र का जाप

घर में जहां गणेशजी स्थापित हैं, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गणेशजी के साथ ही शिव-पार्वती की भी पूजा रोज करें। शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं और चांदी के लोटे से दूध चढ़ाएं। गणेशजी को वस्त्र अर्पित करें। गणेशजी के सामने धूप-दीप जलाएं। दूर्वा अर्पित करें, मोदक का भोग लगाएं।
ध्यान रखें श्रीगणेश को और शिवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। पूजा में श्री गणेशाय नम: मंत्र का जाप करें।

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